Author: VOC

ओखला ही क्यों?

*जो हम ख़ामोश बैठेंगे तो कोसेंगी नई नस्लें,* *निज़ामे गुलसितां यारो हमीं को तो बदलना है!!* जब हम ओखला के मसाइल की बात करते हैं तो लोग पूछते हैं कि…