Month: September 2017

ओखला ही क्यों?

*जो हम ख़ामोश बैठेंगे तो कोसेंगी नई नस्लें,* *निज़ामे गुलसितां यारो हमीं को तो बदलना है!!* जब हम ओखला के मसाइल की बात करते हैं तो लोग पूछते हैं कि…

ओखला हमारा घर है!

जब हम किसी से ओखला /जामियानगर से बाहर मिलते हैं और लोग हमसे पूछते हैं कि हम कहां रहते हैं तो हमारा जवाब होता है “ओखला” या फिर “जामियानगर”. हम…